India se maximum traffic kaise ?

India se maximum traffic kaise ?

Domain name:

आमतौर पर, .com और .org जैसे Top level domain extensions का global search engines पर rank काफी high होता है लेकिन, अपने blog या website के लिए specific country को target करने के लिए country-specific domain खरीदना ज्यादा अच्छा idea होता है.



आपने नोटिस किया होगा कि ज्यादातर Aussie bloggers .au domain extension का इस्तेमाल करते हैं, और Australian Google search में उनकी रैंक काफी high होती है. इसी तरह भारत में, आप अच्छे results के लिए .in या .co.in को अपने domain extensions के रूप में target कर सकते हैं. U.K. (United Kingdom) से traffic के लिए, अच्छे results के लिए आप .co.uk domain extension चुन सकते हैं.
अपने ब्रांड को preserve करने के लिए आप दूसरे TLD’s जैसे .com या .org भी खरीद सकते हैं. लेकिन इस idea एक सबसे major disadvantage यह है कि दूसरे country-specific search engines पर rank पाना आपके लिए बहुत मुश्किल होगा. इसलिए, यदि आपका goal clear है और आप अपनी target audience को जानते हैं तो country-specific domain extension आपके लिए सबसे अच्छा option है.

Google search console Geotargeting:

Note: Agar aap country level domain jaise ki .in, aur .au use karte hain to Geotargeting ka option nahi ayega. Yeh official help guide padhe.
Google search console, bloggers और webmasters के लिए एक मुफ्त tool है, जो country-specific traffic पाने की कोशिश करने वाले blogger या webmaster के लिए बहुत helpful होता है. इस tool से आप यह सेट कर सकते हैं कि आपका website किस देश के लिए target रहता है, और इस तरह यह आपको targeted country का traffic पाने में मदद करता है.



Google search console पर अपनी website को Log in और verify करें और Configurations > Settings के अंदर आप यह specify कर सकते हैं कि आप किस देश को target करना चाहते हैं.

Backlinks:

जब Google search शुरू हुआ था तो वे content की popularity का पता करने के लिए backlinks का इस्तेमाल करते थे. समय बीतने के साथ ही बहुत सारे बदलाव आये हैं लेकिन, backlinks की importance अभी भी बनी हुई है. इसी वजह से, country-specific backlinks को target करना एक अच्छा idea होता है.
For example, यदि आपके target audience U.K. में हैं तो ज्यादातर backlinks U.K.-based websites से लेने की कोशिश करें. किसी particular country में popular websites की लिस्ट पाने के लिए या country-specific domain names वाले domains पाने के लिए आप Alexa का प्रयोग भी कर सकते हैं. जब आप किसी specific country के traffic को target करना चाहते हैं तो यह particular strategy सबसे ज्यादा efficient साबित होती है.
आप guest blogging opportunities का फायदा उठाकर या art of blog commenting पर थोड़ा समय बिताकर भी country-based backlinks drive कर सकते हैं. यदि इन दोनों को अच्छी तरह से किया जाए तो यह दोनों तरीके proven और Penguin-safe हैं.

Webhosting server location:

Geo-targeted traffic को drive करने में एक दूसरा significant factor है, आपका server location. यदि traffic के लिए आपकी target country U.S. (United States) है तो आपको U.S. based servers पर अपनी website होस्ट करनी चाहिए. यदि आप ऑस्ट्रेलिया का traffic target कर रहे हैं तो अपनी website को ऑस्ट्रेलिया में होस्ट करें.

India based servers: Hostgator India, Bluehost India

अन्य factors जैसे CDN भी अलग-अलग देशों में आपके वेबसाइट को तेज करने में help करता है, लेकिन अपने target traffic पर फोकस करने के लिए अपने वेबसाइट को केवल उन्हीं देशों में host करें, जहाँ का traffic आप target कर रहे हैं. यह ensure करेगा कि server के IP की वजह से उस देश में आपका website तेजी से लोड हो, और search engines bots आपके सर्वर का location पता कर पाएंगे. यह सभी, उस particular देश में आपके साइट के rank को बढ़ाने में मदद करेंगे जहाँ का traffic आप target कर रहे हैं.

Local SEO using Google Places:

इसे generic blog के लिए apply नहीं किया जा सकता है, लेकिन यदि आप कोई service blog या E-commerce website चला रहे हैं तो Google Places आपके लिए बहुत useful होगा. अपने business को Google Places में क्लेम करें और सभी related information जैसे पता, फ़ोन नंबर आदि जोड़ें. यह Google को आपके बिज़नेस का business location पता करने में मदद करेगा.
अपने target किये गए देश के specific traffic को push करने के लिए, और ज्यादा local citations पाने में मदद करने के लिए आप अलग-अलग websites पर social media profiles भी बना सकते हैं और जानकारी भी भर सकते हैं. Social media profiles की availability check करने के लिए आप Knowem try कर सकते हैं.

Content level targeting:

आपका content main signal होता है, जिसे Google यह पता करने के लिए इस्तेमाल करता है कि आप कौन सा देश target कर रहे हैं. यदि आप अपने generic domain name extension (.com, .org) से एक साथ कई देशों को टारगेट कर रहे हैं तो देश का नाम अपने पोस्ट के meta titles और descriptions में जोड़ें. यह आपके content को ना केवल और ज्यादा keyword-targeted बनाएगा बल्कि, यह उस देश को clear signal भी देगा जिसे आप target कर रहे हैं.
इसके अलावा, आप जिस तरह का content और language अपने articles में इस्तेमाल करते हैं, उससे भी आपके website की ranking निर्धारित होगी.हम सभी जानते हैं कि readability एक known SEO factor है और यदि आपकी language Indian standards के लिए ज्यादा target की गयी है तो उससे U.S. traffic को target करना बेहद मुश्किल होगा. इसी वजह से, आपको उस specific country के लिए अपनी language को बेहतर बनाने की जरुरत होती है, जिसका traffic आप target कर रहे होते हैं, या उस specific country के writers या editors hire करें या जिन लोगों के पास उस देश की भाषा के लिए excellent writing और grammatical skills हो उन्हें hire करें.

अपनी वेबसाइट को local search engines और directories में submit करें:

मैं पहले ही आपको अपनी website submit करने के लिए places के बारे में बता चुका हूँ, जो global audience के लिए target की जाती हैं. country-based traffic के लिए आपको अपनी website को local search engines और local web directories में submit करना चाहिए. Eventually, यह country-specific backlinks पाने के लिए एक बहुत useful tool बन जाएगा, जो आपका geo-location traffic निर्धारित करने में एक significant factor बनेगा.

Keyword popularity देखने के लिए Google trends का इस्तेमाल करें:

जैसा कि मैं पहले बता चुका हूँ, आपको अपने blog के content को उन keywords के अनुसार target करना चाहिए, जो उस specific country में popular हों, जहाँ का traffic आप टारगेट कर रहे हैं. For example, 160by2 keyword भारत में बहुत पॉपुलर है लेकिन, बाकी के देशों में नहीं है.
उन keywords को ढूंढने की कोशिश करें, जो आपके target country के audience में popular हों और उसपर आधारित content strategy बनाएं. For example, iPhone blogs पर ज्यादातर समय U.S. या U.K से अधिक ट्रैफिक आता है क्योंकि iPhone Asian countries के comparison में उन देशों में ज्यादा पॉपुलर है.

Track keyword progress in country-specific searches:

अब तक हमनें उन techniques के बारे में बात की, जिनको आप specific countries के website traffic को target करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके बाद, आपको अपनी target country में keyword progress का track रखने की जरुरत पड़ेगी. इससे आपको यह पता करने में मदद मिलेगी कि कौन सी strategies काम कर रही हैं और कौन सी नहीं. जब आप ऐसी strategy का पता कर लेते हैं, जो काम कर रही है तो आप उस strategy पर फोकस करके इसे next level पर ले जाने के लिए push कर सकते हैं. Particular countries में keyword rankings check करने के लिए आप SEMRUSH का इस्तेमाल कर सकते हैं, jo Indian Google search ko support karta hain.
जब कभी भी आप अपने blog के लिए business plan लिख रहे होते हैं तो आपकी targeted country आपके priority list पर होनी चाहिए, क्योंकि इससे आपको अपने content marketing और guest blogging campaigns को efficiently plan करने में मदद मिलेगी.
किसी particular country में website traffic को target करने के लिए क्या आप कोई दूसरा तरीका follow करते हैं? नीचे दिए गए comments section का इस्तेमाल करके मुझे इसके बारे में बताएं!
यदि इस पोस्ट में दी गयी जानकारी आपको useful लगी है तो please इसे Facebook, Twitter और Google Plus पर अपने दोस्तों और colleagues के साथ share करें.

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